Thursday, January 3, 2019

लोहड़ी पर निबंध | Essay on Lohri Festival in Hindi


'लोहड़ी पर निबंध| Essay on Lohri Festival in Hindi' हेलो फ्रैंड्स जैसा की पता होगा की लोहड़ी का त्यौहार भारत मैं नए साल का पहला त्यौहार होता हैं. यह त्यौहार प्रत्येक वर्ष जनवरी 13 तारिक को उत्तर भारत मैं बड़ी धूम धाम से मनाया जाता हैं  यह त्यौहार वैसे तो पुरे भारत मैं मनाया जाता हैं लकिन उत्तर भारत मैं यह त्यौहार हर कॉलोनी मैं बड़ी धूम धाम से मनाया जाता हैं. लोहड़ी के त्यौहार का जशन बनाने के लिए  कुछ लकड़ियों मैं  आग लगाई जाती है और उसमे कुछ मूंगफली और रेवड़ी डाली जाती है. मूंगफली और रेवड़ी का प्रशाद लोहड़ी की रात आस पड़ोस मैं बता जाता हैं.  2019 मैं वैसे तो सभी लोगो को पता होगा की हम 13 जनवरी को लोहड़ी का त्यौहार क्यों मानते हैं .लकिन फिर भी भारत के अंदर कुछ ऐसे लोग हैं जो लोहड़ी का त्यौहार मानते हैं लेकिन उनको ये नहीं पता होता हैं की लोहड़ी का त्यौहार क्यों मनाया जाता हैं और इसके पीछे का क्या इतिहास हैं. अगर आपको नहीं पता हैं की भारत के अंदर हम लोहड़ी का त्यौहार क्यों मानते हैं और इसके पीछे का क्या इतिहास हैं तो आप यह आर्टिकल शुरू से लेकर लास्ट तक पढ़ते रहिये. सबसे पहले हम आपको बता दे की भारत के अंदर बहुत से लोगो को लोहड़ी शब्द का पूरा मतलब नहीं पता हैं लेकिन हम हम आपको बता दे की लोहड़ी का पूरा मतलब हैं  ल (लकड़ी) +ओह (गोहा = सूखे उपले) +ड़ी (रेवड़ी) = 'लोहड़ी' के प्रतीक हैं।

Lohri Festival Kyu Manaya Jata Hai

लोहड़ी का त्यौहार क्यों मनाया जाता हैं

लोहड़ी का यह त्यौहार वैसे तो पंजाबी समुदाय सिख मैं बहुत प्रचलित हैं  लेकिन ये त्यौहार पुरे भारत में अलग अलग नाम से मनाया  जाता  है. तमिल राज्ये के लोग लोहड़ी के त्यौहार को पोंगल के नाम से जानते हैं क्युकी इसके पीछे भी इसका इतिहास हैं जिसके बारे मैं भी आज हम आपको बताने वाले हैं. बात की जाय उत्तर भारत जैसे की हरयाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड ,राजस्थान, बिहार, झारखण्ड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश मैं यह त्यौहार लोहड़ी के नाम से मशहूर हैं.

मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले 13 जनवरी की रात को लोहड़ी का त्यौहार उत्तर भारत मै बड़ी धूम धाम से कुछ लकड़ियों मैं आग लगाकर और कुछ लोहड़ी के गीत गाकर और लोगो के झुंड मैं यह त्यौहार मनाया हैं. लोग अग्नि के चारो ओर चक्कर काटते हुए नाचते-गाते हैं व आग मे रेवड़ी, मूंगफली, खील, मक्की के दानों की आहुति देते हैं । आग के चारो और बैठकर लोग आग सेंकते हैं व रेवड़ी, खील, गज्जक, मक्का खाने का आनंद लेते हैं और त्यौहार का पूरा जश्न मानते हैं यह जश्न देर रात 11 से 12 बजे तक चलता रहता हैं. इस दिन बड़े बुजर्ग घर मैं जन्मे नए बच्चो और नयी वर वधु को आशीर्वाद देते हैं

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लोहड़ी का इतिहास ( Lohri History In Hindi )

ऐसा खा जाता है की किसी टाइम में सुंदरी और मुंदरी नाम की 2 अनाथ लड़कियां थी. इन दोनों लड़कियों का चाचा विधिवत शादी न करके एक राजा को भेंट कर देना चाहता था. उसी समय में दुल्ला भट्टी नाम का एक नामी डाकू हुआ है. दुल्ला भट्टी ने उन दोनों दोनों लड़कियों, सुंदरी एवं मुंदरी को उस जालिम राजा से छुड़ा कर उन की शादियां करवाई . ऐसी  मुसीबत के समय में ढाकू ने उन लड़कियों की मदद करी और लड़के वालों को मना कर एक जंगल में आग जला कर सुंदरी और मुंदरी का विवाह करवाया.


जल्दी के कारण सुंदरी और मुंदरी की  शादी की कोई खास तयारी नहीं हो पायी लकिन इन दोनों लड़कियों की शादी के समय लड़की के पिता का होना जरुरी था तो ऐसे मैं दुल्ला भट्टी ने उन दोनों लड़कियों का पिता बनते हुए उनका कन्यादान किया था. कहते हैं दुल्ले ने शगुन के रूप में उनको शक्कर दी थी.

यह भी कहा जाता है कि संत कबीर की पत्नी लोई की याद में यह पर्व मनाया जाता है, इसीलिए इसे लोई भी कहा जाता है । इस प्रकार यह त्योहार पूरे उत्तर भारत में धूमधाम से मनाया जाता है ।

जैसा की हमने आपको बताया हैं की इस दिन कुछ बच्चे गली गलियां लोगो के घर जा कर लोहड़ी का सामान एकत्रित करते हैं जिसमे कुछ लोग बच्चो को लड़की देते हैं तो कुछ लोग मूंगफली और रेवड़ी देती हैं. कुछ भी सामान मांगने के लिए बाचे एक गीत गाते हैं जिसको आप निचे पढ़ सकते हैं.

Sundri Mundri Ho,

Tera Ko Bechara Ho,

Dulla Bhatti Wala Ho,

Dulle Di Dhi Byai Ho,

Ghi Shakkar Paai Ho,

Lohri De, Channi De,

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दोस्तों हमें उम्मीद हैं आपको यह जानकारी पसंद आई होगी और आपको पता चल गया होगा की भारत के अंदर लोहड़ी का त्यौहार क्यों मनाया जाता हैं. अगर आपको इस आर्टिकल के बारे मैं कुछ सवाल जवाब करना हैं तो आप हमें निचे कमेंट कर सकते हैं या फिर आप हमें निचे 8295245440 पर व्हाट्सप्प मैसेज कर सकते हो और पूछ सकते हो. अगर आपको यह जानकारी पसंद आई हो तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करे

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